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सेवा पखवाड़ा के तहत सिंगरौली में दिव्यांगजनों को मिला सम्मान, सांसद डॉ. राजेश मिश्रा की रही विशेष उपस्थिति

सेवा पखवाड़ा के तहत सिंगरौली में दिव्यांगजनों को मिला सम्मान, सांसद डॉ. राजेश मिश्रा की रही विशेष उपस्थित Singrauli News:- सेवा पखवाड़ा अभियान के अंतर्गत रविवार को सिंगरौली स्थित DRCC भवन में दिव्यांगजनों ...

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सेवा पखवाड़ा के तहत सिंगरौली में दिव्यांगजनों को मिला सम्मान, सांसद डॉ. राजेश मिश्रा की रही विशेष उपस्थित

Singrauli News:- सेवा पखवाड़ा अभियान के अंतर्गत रविवार को सिंगरौली स्थित DRCC भवन में दिव्यांगजनों के लिए नि:शुल्क कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में दिव्यांगजन, ग्रामीण और भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित हुए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद डॉ. राजेश मिश्रा रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार दिव्यांगजनों के जीवन को सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि दिव्यांगजन केवल सहानुभूति के पात्र नहीं, बल्कि उन्हें बराबरी का अवसर और अधिकार मिलना चाहिए।

उन्होंने इस मौके पर कई दिव्यांग युवाओं से संवाद किया और उनकी पढ़ाई तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। डॉ. मिश्रा ने कहा कि शिक्षा और आत्मनिर्भरता ही वास्तविक सम्मान है और इस दिशा में उनका सतत प्रयास रहेगा कि क्षेत्र का कोई भी दिव्यांग व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे।

इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक रामनिवास साह, दिलीप साह, नगर निगम अध्यक्ष देवेश पांडेय, रेड क्रॉस सोसायटी के उपाध्यक्ष गोविंद प्रसाद पांडेय, सचिव डॉ. ओ.पी. राय, वरिष्ठ नेता वशिष्ठ पांडेय, सीमा जायसवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अर्चना सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Singrauli News:- कार्यक्रम के अंत में जब मीडिया ने सांसद डॉ. मिश्रा से SC/ST एक्ट को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने बेहद शांत और संतुलित जवाब दिया। उन्होंने कहा — “यह विषय न्यायालय से संबंधित है। इस पर न्यायालय ही उचित कार्रवाई करेगा और निर्णय देगा।”

Singrauli News:- इस पूरे आयोजन में सांसद डॉ. राजेश मिश्रा की छवि एक संवेदनशील, सकारात्मक और जनहितैषी नेता के रूप में सामने आई, जिन्होंने न केवल दिव्यांगजनों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि अपनी सादगीपूर्ण प्रतिक्रिया से यह भी स्पष्ट किया कि वे न्यायालय की गरिमा और प्रक्रिया पर पूरा विश्वास रखते हैं।