सीधी में नवाचार: छात्रों-अभिभावकों को बड़ी राहत, 2 दिवसीय ‘पुस्तक मेला’ का आयोजन एक ही स्थान पर सस्ती दरों में मिलेंगी किताबें, यूनिफॉर्म और स्टेशनरी; 5-6 अप्रैल को सुबह 9 से रात 9 बजे तक मेले का आयोजन
सीधी | संवाददाता
जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए दो दिवसीय “पुस्तक मेला” आयोजित किया जा रहा है। यह अभिनव पहल न केवल शिक्षा सामग्री की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करेगी, बल्कि अभिभावकों को बढ़ते शैक्षणिक खर्च से भी राहत दिलाएगी।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शैलेन्द्र सिंह सोलंकी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह पुस्तक मेला 05 एवं 06 अप्रैल 2026 को जिले एवं विकासखंड स्तर पर आयोजित किया जाएगा। मेले का आयोजन प्रातः 9 बजे से सायं 9 बजे तक किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
📚 इन स्थानों पर लगेगा पुस्तक मेला:
शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 1, सीधी
शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सिहावल
शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रामपुर नैकिन
शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मझौली
शासकीय सांदीपनि उच्च माध्यमिक विद्यालय, कुसमी
इस मेले की खास बात यह है कि यहां छात्रों को उनकी जरूरत की सभी शैक्षणिक सामग्री—किताबें, कॉपियां, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, टाई आदि—एक ही स्थान पर प्रतिस्पर्धात्मक और उचित दरों पर उपलब्ध कराई जाएगी। इससे अभिभावकों को अलग-अलग दुकानों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी और समय व धन दोनों की बचत होगी।
प्रशासनिक व्यवस्था भी मजबूत:
आदेश के तहत प्रत्येक विकासखंड के विकासखंड शिक्षा अधिकारी को नोडल अधिकारी तथा विकासखंड स्त्रोत समन्वयक को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे स्थानीय पुस्तक विक्रेताओं एवं संबंधित सामग्री प्रदाताओं को आमंत्रित कर उनका पंजीयन करें तथा उन्हें निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराएं।
निजी स्कूलों को भी किया जाएगा शामिल:
जिले के सभी अशासकीय विद्यालयों को भी इस पुस्तक मेले की पूर्व सूचना दी जाएगी, ताकि उनके माध्यम से अधिक से अधिक विद्यार्थी और अभिभावक इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में होगा शुभारंभ:
इस जनहितैषी पहल का शुभारंभ स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया जाएगा, जिससे इस आयोजन को व्यापक समर्थन और सहभागिता मिल सके।
👉 कुल मिलाकर, यह “पुस्तक मेला” शिक्षा के क्षेत्र में एक सराहनीय पहल मानी जा रही है, जो न केवल आर्थिक रूप से राहत देगा, बल्कि विद्यार्थियों के लिए जरूरी संसाधनों को एक मंच पर उपलब्ध कराकर उनकी पढ़ाई को भी आसान बनाएगा।






