होम अपना प्रदेश नेशनल न्यूज फैशन क्राइम न्यूज बिजनेस लाइफ स्टाइल ऑटो
---विज्ञापन---

प्रताप गैस एजेंसी में मची लूट और बदहाली: घंटों लाइन में भूखे-प्यासे ग्रामीण, केवाईसी के नाम पर अवैध वसूली का आरोप

प्रताप गैस एजेंसी में मची लूट और बदहाली: घंटों लाइन में भूखे-प्यासे ग्रामीण, केवाईसी के नाम पर अवैध वसूली का आरोप ​सीधी। जिले के प्रताप गैस एजेंसी में इन दिनों उपभोक्ताओं का बुरा ...

Published

प्रताप गैस एजेंसी में मची लूट और बदहाली: घंटों लाइन में भूखे-प्यासे ग्रामीण, केवाईसी के नाम पर अवैध वसूली का आरोप

सीधी। जिले के प्रताप गैस एजेंसी में इन दिनों उपभोक्ताओं का बुरा हाल है। जहाँ एक तरफ सरकार हर घर गैस पहुँचाने के दावे कर रही है, वहीं प्रताप गैस एजेंसी के कारनामे सरकार के इन दावों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। बदहाली का आलम यह है कि ग्रामीण क्षेत्र से आए बुजुर्ग और महिलाएं तपती धूप में घंटों भूखे-प्यासे खड़े रहने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें गैस नसीब नहीं हो रही।
​केवाईसी के नाम परखुली लूट
​उपभोक्ताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि बाजार में जिस केवाईसी (KYC) का शुल्क मात्र 50 रुपये है, उसी काम के लिए प्रताप गैस एजेंसी द्वारा 240 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि एजेंसी प्रबंधन नियमों को ताक पर रखकर सरेआम जनता की जेब काट रहा है।
​अव्यवस्थाओं का अंबार और कर्मचारियों की गुंडागर्दी
​एजेंसी परिसर में न तो पीने के पानी की व्यवस्था है और न ही बैठने के लिए कोई छाया। लाइन में लगे वृद्धों और महिलाओं के साथ एजेंसी के कर्मचारियों द्वारा अभद्रता और मारपीट तक की नौबत आ जाती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि कर्मचारी अपनी मनमानी पर उतारू हैं और शिकायत करने पर सीधे विवाद करते हैं।
​कालेबाजारी की बू: बुकिंग कहीं और, डिलीवरी कहीं और
​गैस वितरण में बड़े स्तर पर धांधली के संकेत मिल रहे हैं:
​डिलीवरी में फर्जीवाड़ा: मोबाइल पर बुकिंग के दूसरे दिन ही ‘डिलीवर्ड’ का मैसेज आ जाता है, जबकि हकीकत में उपभोक्ता 15-15 दिनों तक सिलेंडर के लिए भटकते रहते हैं।
​साठगांठ का खेल: जहाँ आम आदमी सुबह से लाइन में लगा रहता है, वहीं कुछ ‘खास’ लोग साठगांठ के चलते बिना लाइन लगे एक साथ कई सिलेंडर लेकर चंपत हो जाते हैं। यह सीधे तौर पर कालाबाजारी और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
​प्रशासन से जांच की गुहार
​पीडि़त ग्रामीणों और उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि प्रताप गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली की तत्काल उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। अवैध वसूली करने वालों और उपभोक्ताओं के साथ अभद्रता करने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि आम जनता को इस मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना से मुक्ति मिल सके।
​ब्यूरो रिपोर्ट: सीधी