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सीधी के सेमरिया में पटाखों का जखीरा बरामद, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप

चिंगारी भड़कती तो खाक हो जाता सेमरिया बाजार! रिहायशी इलाके में मौत का सामान देखकर उड़े अफसरों के होश मध्य प्रदेश के सीधी जिले के सेमरिया बाजार में उस वक्त हड़कंप मच गया, ...

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चिंगारी भड़कती तो खाक हो जाता सेमरिया बाजार! रिहायशी इलाके में मौत का सामान देखकर उड़े अफसरों के होश

मध्य प्रदेश के सीधी जिले के सेमरिया बाजार में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध पटाखा भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लाखों रुपये के पटाखे जब्त कर लिए। देवास हादसे के बाद पूरे प्रदेश में प्रशासन अलर्ट मोड पर है और अब सेमरिया में भी इसका असर साफ दिखाई देने लगा है।

जानकारी के अनुसार, सेमरिया बाजार स्थित उमेश पटाखा स्टोर पर नायब तहसीलदार एकता शुक्ला और सेमरिया थाना प्रभारी की संयुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई की। जांच के दौरान सामने आया कि लाइसेंस होने के बावजूद भारी मात्रा में पटाखों का भंडारण नियमों के विपरीत घर के अंदर किया गया था। कार्रवाई में करीब 3 लाख रुपये से अधिक कीमत के पटाखे जब्त किए गए हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि मुख्य बाजार और रिहायशी इलाके में इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री आखिर कैसे जमा कर दी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर मामूली चिंगारी भी भड़क जाती, तो पूरा बाजार बड़े हादसे का शिकार हो सकता था।

प्रशासन ने मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए विस्फोटक अधिनियम 1884 और विस्फोटक नियम 2008 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। नायब तहसीलदार एकता शुक्ला ने कहा कि जांच में नियमों के उल्लंघन के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं और अवैध भंडारण करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

वहीं स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि सेमरिया क्षेत्र में अभी भी कई स्थानों पर चोरी-छिपे पटाखों का अवैध भंडारण किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक उन ठिकानों तक नहीं पहुंच पाए हैं। लोगों ने प्रशासन से पूरे बाजार में व्यापक जांच अभियान चलाने की मांग की है ताकि किसी बड़े हादसे से पहले खतरे को खत्म किया जा सके।

देवास की दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है, और सेमरिया की यह कार्रवाई साफ संकेत दे रही है कि अवैध पटाखा कारोबारियों पर अब शिकंजा कसना शुरू हो चुका है।