43 डिग्री की तपिश, 9 किलोमीटर का दुर्गम रास्ता… फिर भी पहुँचे जिला कांग्रेस अध्यक्ष—एक मिसाल बनी संवेदनशीलता
सीधी/रिपोर्ट —कुबेर तोमर/विंध्य की आवाज
जहाँ एक ओर भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को प्रभावित कर रखा है, वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता का एक ऐसा उदाहरण सामने आया है, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
सीधी जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ज्ञान सिंह का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा
है। यह वीडियो केवल एक यात्रा का नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक बन गया है।
मामला एक ग्रामीण क्षेत्र का है, जहाँ एक बच्ची के विवाह का निमंत्रण था। गाँव तक पहुँचने का रास्ता बेहद कठिन—करीब 9 किलोमीटर का कच्चा, ऊबड़-खाबड़ और संकरा मार्ग, जहाँ चार पहिया वाहन से पहुँचना लगभग असंभव था। ऊपर से 43 डिग्री की झुलसा देने वाली गर्मी ने इस यात्रा को और चुनौतीपूर्ण बना दिया।
बताया जा रहा है कि कई घंटों तक इंतजार के बाद जब कोई साधन नहीं मिला, तो अंततः परिजन स्वयं दोपहिया वाहन लेकर मुख्य मार्ग तक पहुँचे। ऐसे में जहाँ आमतौर पर लोग वापस लौटने का निर्णय ले लेते, वहीं ज्ञान सिंह ने बिना हिचक दोपहिया वाहन से ही गाँव तक जाने का फैसला किया।
गाँव की टेढ़ी-मेढ़ी गलियों और कठिन रास्तों को पार करते हुए जब वे विवाह समारोह में पहुँचे, तो लोग हैरान रह गए। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि जिला अध्यक्ष इस तरह हर बाधा पार कर कार्यक्रम में शामिल होंगे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि आज के दौर में जहाँ कई लोग एसी कमरों में बैठकर राजनीति की चर्चा करते हैं और खुद को टिकट का दावेदार बताते हैं, वहीं ज्ञान सिंह का यह कदम जमीन से जुड़ी राजनीति और जनभावनाओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह घटना न केवल एक नेता की सादगी और समर्पण को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि जनता के सुख-दुख में शामिल होना ही असली जनप्रतिनिधित्व है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होने के बाद लोग उनकी इस पहल की सराहना कर रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे “जमीन से जुड़े नेता की पहचान” बताया, तो कुछ ने कहा कि “यही है असली जमीनी नेता है ।”
कठिन परिस्थितियों के बावजूद एक बच्ची के विवाह में शामिल होना, यह केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण है—जिसे लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।






