बरहौं कार्यक्रम में बवाल: कुर्सी पर बैठने से शुरू हुआ विवाद, युवक को पीटकर किया अधमरा
सीधी जिले के सेमरिया थाना क्षेत्र के मनकीसर गांव में आयोजित बरहौं संस्कार का कार्यक्रम सोमवार सुबह उस वक्त रणभूमि में बदल गया, जब कुर्सी पर बैठने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। रिश्तेदारों और ग्रामीणों के बीच हुई हिंसक मारपीट में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे बेहोशी की हालत में जिला अस्पताल सीधी में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार मनकीसर निवासी अमृतलाल कोल के यहां बरहौं संस्कार का कार्यक्रम चल रहा था। कार्यक्रम में खड़ौरा गांव से आए रिश्तेदार भी शामिल हुए थे। इसी दौरान गांव का युवक राघवेंद्र कोल भोजन स्थल के पास रखी कुर्सी पर बैठ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुर्सी पर बैठने को लेकर कहासुनी शुरू हुई और देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया।
आरोप है कि संतोष नीलकंठ, राजबहोर कोल समेत करीब आधा दर्जन लोगों ने राघवेंद्र को घेर लिया और लाठी-डंडों व हाथ-मुक्कों से जमकर हमला कर दिया। मारपीट इतनी बेरहमी से की गई कि युवक के सिर से खून बहने लगा और वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और खुशी का माहौल चीख-पुकार में बदल गया।
ग्रामीणों ने घायल युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरिया पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल सीधी रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसका उपचार जारी है।
घायल राघवेंद्र कोल ने बताया कि उसने केवल बैठने के लिए कुर्सी मांगी थी। वह दूसरी कुर्सी पर बैठ गया, लेकिन कुछ लोगों ने उसे वहां से उठने के लिए कहा। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी गई।
घटना को लेकर अब गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि आखिर सामाजिक कार्यक्रमों में छोटी-छोटी बातों पर हिंसा की घटनाएं क्यों बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते लोगों ने बीच-बचाव नहीं किया होता तो घटना और गंभीर हो सकती थी।
मामले में सेमरिया थाना प्रभारी केदार परौहा ने बताया कि घायल पक्ष की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है। पहले घायल का उपचार कराया गया, अब पूरे मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।







