दहेज की मांग बनी मौत की वजह, तीन दोषियों को 10-10 साल की सजा सीधी की अदालत का बड़ा फैसला, पति समेत देवर-देवरानी दोषी करार

18/05/2026/सीधी।
दहेज प्रताड़ना से तंग आकर विवाहिता द्वारा आत्महत्या किए जाने के बहुचर्चित मामले में सीधी की द्वितीय अपर सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पति, देवर और देवरानी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने तीनों आरोपियों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामला थाना कमर्जी क्षेत्र के ग्राम हटवा बरहा टोला का है। जानकारी के अनुसार 25 अगस्त 2020 को सद्दाम हुसैन द्वारा पुलिस को सूचना दी गई थी कि उसके भाई सबर हुसैन की पत्नी हसीना बानो ने घर के भीतर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि मृतिका हसीना बानो का विवाह 7 मई 2014 को मुस्लिम रीति-रिवाज से सबर हुसैन के साथ हुआ था। शादी के शुरुआती तीन वर्ष सामान्य रहे, लेकिन बाद में दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ना शुरू हो गई। आरोप था कि पति सबर हुसैन धंधे के लिए वाहन खरीदने हेतु तीन लाख रुपये, सोने की चेन और अंगूठी की मांग करता था। मायके पक्ष द्वारा किसी तरह तीन लाख रुपये की व्यवस्था कर दी गई, जिससे पिकअप वाहन खरीदा गया, लेकिन इसके बावजूद प्रताड़ना कम नहीं हुई।
अभियोजन के अनुसार पति सबर हुसैन, देवर सद्दाम हुसैन और देवरानी साहिबा बानो लगातार मृतिका के साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना करते थे। प्रताड़ना से परेशान होकर हसीना बानो ने 24 और 25 अगस्त 2020 की दरम्यानी रात घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
मामले में थाना कमर्जी पुलिस ने अपराध क्रमांक 210/2020 के तहत धारा 498ए, 304बी, 34 भादवि एवं दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना उपरांत न्यायालय में चालान पेश किया।
सत्र परीक्षण क्रमांक एसटी/181/2020 में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक श्री सुखेंद्र द्विवेदी ने मजबूत पैरवी करते हुए आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत किए। सुनवाई के बाद माननीय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश, सीधी ने आरोपी सबर हुसैन, सद्दाम हुसैन और साहिबा बानो को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया।
विंध्य की आवाज सीधी कुबेर तोमर






