वायरल वीडियो के बाद बदले बयान” ग्रामीण बोले: सचिव नहीं, कंप्यूटर संचालक ने मांगे थे पैसे
सीधी जिले के जनपद पंचायत सिहावल अंतर्गत ग्राम पंचायत कुनझुन कला में पंचायत सचिव पर लगे रिश्वतखोरी के आरोपों के मामले में अब बड़ा खुलासा सामने आया है। वायरल वीडियो और शिकायत के बाद गांव की महिलाओं एवं पुरुषों ने अपने पहले दिए गए बयान को बदलते हुए स्पष्ट किया है कि उनसे कभी भी पंचायत सचिव ने पैसे की मांग नहीं की थी, बल्कि दुबे कंप्यूटर संचालक द्वारा सचिव के नाम पर पैसे मांगे गए थे।
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शुक्रवार को ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि समग्र आईडी में नाम जोड़ने, नाम अलग करने, राशन कार्ड और अन्य शासकीय कार्यों के लिए पैसे मांगे जाते हैं। शिकायत के बाद सचिव पर गंभीर आरोप लगे और मामला सोशल मीडिया में वायरल हो गया।
वीडियो सामने आने के बाद पंचायत व्यवस्था पर सवाल उठने लगे थे और ग्रामीणों में भी नाराजगी देखने को मिली थी।
जहा अब गांव की महिलाओं और पुरुषों ने सामने आकर कहा है कि उन्होंने गलतफहमी में सचिव का नाम ले लिया था। ग्रामीणों के अनुसार वर्तमान सचिव अशोक मिश्रा करीब 6 से 7 महीने पहले ही पंचायत में पदस्थ हुए हैं और गांव के कई लोग उन्हें ठीक से पहचानते तक नहीं थे।

ग्रामीणों ने कहा कि सचिव ने उनसे कभी किसी प्रकार की पैसे की मांग नहीं की। बल्कि ग्राम मायापुर स्थित दुबे कंप्यूटर सेंटर के संचालक द्वारा विभिन्न कार्यों के नाम पर पैसे मांगे गए थे। लोगों का कहना है कि पंचायत से जुड़े ऑनलाइन कार्य लंबे समय से उसी कंप्यूटर सेंटर के माध्यम से कराए जाते रहे हैं।

ग्राम पंचायत के सरपंच रामलाल सिंह ने बताया कि वर्तमान सचिव पंचायत कार्यालय में रहकर स्वयं कार्य करते हैं और उन्होंने अपना आईडी-पासवर्ड किसी अन्य व्यक्ति को नहीं दिया है।
उन्होंने बताया कि पूर्व सचिव उत्तम उपाध्याय के समय पंचायत की आईडी और पासवर्ड कंप्यूटर सेंटर तक पहुंच गया था, जिसके कारण लोग वहीं जाकर काम करवाते रहे हैं। सरपंच ने कहा कि इस संबंध में पहले भी शिकायत की जा चुकी है।






