एसपी सीधी ने जन चौपाल में दो कुपोषित बच्चों को लिया गोद, जागरूकता के साथ जनसंवाद सीधी/विंध्य की आवाज/कुबेर तोमर

एसपी सीधी ने जन चौपाल में दो कुपोषित बच्चों को लिया गोद, जागरूकता के साथ जनसंवाद

सीधी/विंध्य की आवाज/कुबेर तोमर 

मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित जिला सीधी के दुरुस्त सुदूर अंचल ग्राम रुद्रा भदौरा के करौदी गांव स्थित आंगनबाड़ी परिसर में आयोजित जन चौपाल में पुलिस अधीक्षक सीधी संतोष कोरी (भा.पु.से.) ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उन्हें उनके अधिकारों एवं शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूक किया।

बैगा समाज के बाहुल्य क्षेत्र में जन चौपाल का मुख्य उद्देश्य समतामूलक समाज की स्थापना की दिशा में अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 एवं उसके संशोधित प्रावधान (2016) के बारे में जागरूकता फैलाना, साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताना, नशामुक्ति के महत्व एवं नशा सेवन के दुष्परिणामों के प्रति सचेत करना तथा महिला संबंधी अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिकारी श्रीमती माया गोस्वामी द्वारा विभागीय योजनाओं, विशेषकर बाल आशीर्वाद योजना की जानकारी दी गई। थाना प्रभारी कुसमी अरुणा द्विवेदी ने महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों तथा साइबर सुरक्षा के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। साथ ही महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के संदर्भ में गुड टच एवं बैड टच की जानकारी भी सरल एवं प्रभावी तरीके से दी गई।

जन चौपाल के दौरान ग्राम में

दो बच्चों के कुपोषित होने की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक महोदय ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए निर्मला बैगा (उम्र 2 वर्ष 8 माह) एवं आकाश बैगा (उम्र 2 वर्ष 3 माह ) को उनके *पूर्ण पोषण तक गोद* लेने की घोषणा की। इस पहल ने पुलिस की जनसेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए ग्रामीणों में विश्वास और सकारात्मकता को और सुदृढ़ किया।

इस अवसर पर एससी/एसटी वर्ग के नागरिकों को उनके अधिकारों, कानूनी संरक्षण एवं राहत प्रावधानों की जानकारी दी गई तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया गया जन चौपाल के दौरान पेसा (PESA – Panchayats Extension to Scheduled Areas) अधिनियम, 1996 के प्रावधानों के बारे में भी जानकारी दी गई, जो अनुसूचित क्षेत्रों (आदिवासी बहुल इलाकों) में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने एवं स्थानीय संसाधनों पर उनके अधिकार सुनिश्चित करने हेतु एक महत्वपूर्ण केंद्रीय कानून है।

साइबर जागरूकता

के तहत बताया गया कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या लुभावने ऑफर के झांसे में आकर बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। 

जन चौपाल में पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी, थाना प्रभारी कुसमी अरुणा द्विवेदी, महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिकारी माया गोस्वामी, पर्यवेक्षक मान कुमारी, थाना स्टाफ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं लगभग 250 ग्रामीणजन उपस्थित रहे। उपस्थित ग्रामीणजनों क़ो पुलिस अधीक्षक द्वारा फल, मिस्ठान एवं चॉकलेट इत्यादि के वितरण किया गया।

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