SIDHI NEWS.अगहार में राष्ट्रीय लोक रंग महोत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ
लोक संस्कृति के क्षेत्र में अद्भुत प्रयास – अजय सिंह
सीधी। उत्थान सामाजिक संस्कृति एवं साहित्यिक समिति एवं मान्या लोक संगीत अकादमी सीधी के तत्वावधान में जनपद पंचायत रामपुर नैकिन के अन्तर्गत ग्राम अगहार में बुधवार को तीन दिवसीय गांव की माटी राष्ट्रीय लोक रंग महोत्सव का भव्य शुभारंभ पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं चुरहट विधायक अजय सिंह राहुल भैया ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के व्दारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। तत्पश्चात मुख्य अतिथि अजय सिंह राहुल भैया के व्दारा राष्ट्रीय लोक गायिका मान्या पाण्डेय, लोक गायक नरेन्द्र बहादुर
सिंह, कपिल तिवारी, दिव्या द्विवेदी, दृष्टि तिवारी, कर्णवीर सिंह आदि सभी कलाकारों का अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान आयोजन समिति के सदस्य के डी सिंह पूर्व अध्यक्ष जनपद पंचायत रामपुर नैकिन, अनिल शुक्ला संचालक अनिल ट्रेडर्स, रोहित शुक्ला सीए, आशुतोष शुक्ला संचालक शंकुतला पैलेस, हरिश्चंद्र मिश्रा आदि लोगों ने माल्यार्पण कर अतिथियों का स्वागत किया। महोत्सव का शुभारंभ मान्या पाण्डेय राष्ट्रीय लोक गायिका के व्दारा बघेली लोक गीत पहली पूजा तोहार हो गौरी के ललनबा से किया गया। उनके व्दारा छलिया नंदलाल, छलिया नंदलाल, बचके रहियो राधिका, अमबा के डारी, बैठी रे कोयलिया,
राहुल भैया अपने चुरहट के शान, उड़ रही गोरी की चुनरिया, छरिगय अमिलिया के पाती हो की मनमोहक प्रस्तुति दी। तत्पश्चात लोक कलाकार नरेंद्र बहादुर सिंह ने बघेली लोक गीत एजी खेलत रहे, बालू रेत मुदारिया मोरी उहै रे गिरी। लोक गायिका दिव्या द्विवेदी एवं दृष्टि तिवारी ने बघेली लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी।
जिले का नाम रोशन कर रही मान्या – अजय सिंह
गांव की माटी राष्ट्रीय लोक रंग महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर अजय सिंह राहुल भैया ने कहा कि मान्या पाण्डेय राष्ट्रीय लोक गायिका अपने जिले का नाम बघेली लोकगीतों में पूरे देश में रोशन कर रही है। जब मान्या पाण्डेय 5 वर्ष की थी तब से मैं उनके लोकगीत सुन रहा हूं। अब मान्या पाण्डेय हर स्तर पर बेहतर हो चुकी है और मनमोहक प्रस्तुति देती है। उन्होंने कहा कि गांव में राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम आयोजित करना बहुत बड़ी बात है मैं आयोजन समिति के सभी सदस्यों को धन्यवाद ज्ञापित करता हूं।
हमारी बोली वाणी और उसकी लोक साहित्यिक विरासत को सहेजने की जिम्मेदारी हम सबकी है। अखिलेश पांडेय जी द्वारा इस तरह के आयोजन अनवरत कई वर्षों से किये जा रहे हैं जो बघेली और उसकी लोक साहित्यिक यात्रा को निश्चित ही बेहतरीन दिशा प्रदान कर रहे हैं।






